ज़रुरत और चाहत

स्वामी जी ने कहा, मुझे शक्ति दो

उसने कठिन परिस्थितियां दी

स्वामी जी ने कहा, मुझे बुद्धि दो

उसने कठिन पहेलियाँ दी

स्वामी जी ने सुख माँगा

उसने दुखियों का पता बताया

स्वामी जी ने धन माँगा

उसने परिश्रम का फल चखाया

स्वामी जी ने अनुग्रह की आशा की

उसने मुश्किलो की ओर ध्यान दिलाया

स्वामी जी ने शांति की अपेक्षा की

उसने सेवा भाव सिखाया

स्वामी जी ने ईश्वर से जब भी कुछ माँगा

उसने न दिया, उसने वही दिया जिसकी ज़रुरत थी