दी कानपुर इफ़ेक्ट

रेन बसेरा, आर्यनगर वाले भाईसाब और बुआ जी

नानी-दादी, चाचा -चाची, मामा-मामी, भाई -बहन

अशोक , महेंद्र और छोबी

आर्यनगर विद्यालय और शिशु शिक्षा सदन

सनातन धर्म और बी एन एस डी

एच बी टी आई

निगम साहब की किताबों की दुनिया

चाचा की रामायण मंडली

डिलाइट सिनेमा और छै आने वाली फिल्में

भोजो दा के रसगुल्ले

श्रीकिशन की जलेबी

ढाई कोष वाली मलाई मारकर चाय

पंडित जी की आलू की टिकिया

ननकू के पान

पास होना, फेल होना, घर छोड़ना

भैरों घाट के सन्नाटे में कितनों का खो जाना

जब झांकता हूँ उस ज़िन्दगी की और

खो जाता हूँ

मेरी बेटी ने मेरी इस ख़ुशी का

एक नाम दिया है

दी कानपूर इफ़ेक्ट