उस दिन मेरे पौत्र ने सिखाया मुझे

एक दिन मेरे पौत्र ने मुझसे कहा अगर सारा समय ऑफिस को दे दोगे मुझे कहानी सुनाने का समय कैसे बचा पाओगे मैं तुमसे सुनना चाहता हूँ राम कथा भूत-प्रेत की कहानी सुनकर, डर कर तुम्हारी गोद में छिपना चाहता हूँ दादू, दफ्तर जाना कब बंद करोगे मैं हैरान था, इतनी बड़ी बुद्धि में इतनी छोटीसी बात पहले क्यों न समाई मेरे उस दिन मेरे पौत्र ने सिखाया मुझे कई काम करने के लिए छोड़ने पड़ते हैं कई काम