ज़हर

कितना ज़हर भरकर रखा है

अपने अंग अंग में

क्यों वर्षों का संचय लाद कर

बैठे हो अनिश्चित समय से

धो डालो अपने पानी से

तर्ज पर बना है तुम्हारे

काम न आएगा किसीके

खो दी है ताक़त तुम्हारे ज़हर ने

कोई मरेगा नहीं तुम्हारे ज़हर से

कब तक मरते रहोगे अपने ज़हर का सेवन कर

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© 2017 by Dr Purnendu Ghosh