ब्लूप्रिंट

जीवन का बृत्तांत लिखने के लिए

कुछ शब्द ही कभी कभी काफी होते है

कभी कभी ज़रूरत पड़ती है एक पैराग्राफ की

कभी कभी एक मोनोग्राफ भी कम पड़ जाता है

जीवित रहने के लिए कभी कभी

योजना बनानी पड़ती है

ज़रूरत पड़ती है एक ब्लूप्रिंट की

ब्लूप्रिंट के निर्माण के लिए ज़रूरत पड़ती है

उन उपकरणों की जो बताते हैं

ज़िंदा रहने के उपाय, बदलते माहौल में

जरूरत पड़ती है अनुकूलता की, संतुलन के लिए

ज़रूरत पड़ती है एक कार्यक्रम की

जिसकी रुपरेखा समय बनाती है

समय निर्धारित करती है

आनेवाले समय की रुपरेखा