गरम हवा

सर्दी के मौसम में इतनी गरम हवा कैसे

युद्ध होनेवाला है

राजनीती की रणभूमि सजाई जा रही है

युद्ध का मुद्दा क्या है

लद गया मुद्दों की राजनीती का ज़माना

जाती और धर्म का कार्बन डाई ऑक्साइड

इस कदर बढ़ रहा है वातावरण में

बेवजह ठिठुरने का वक़्त आ गया है

व्यक्ति की काया बनती है कई अंगों से

देश का दुर्भाग्य है, व्यक्ति

धर्म और जाती का बनकर रह गया है