उत्तर की अपेक्षा नहीं किसी को, फिर भी

जो क्लास में पढ़ाया जा रहा है, अगर समझ में नहीं आता है

गलती किसकी है, समझ की, या समझाने वाले की

बिन बुलाये क्यों नहीं जा सकते पडोसी के घर

क्यों मेहमान इतने अप्रिय होते जा रहे हैं

सूनापन बांटनेवाले क्यों इतने कम होते जा रहे हैं

क्यों मेहमानदारी पदानुसार होने लगी है

मेल-जोल में कमी

क्या खुद की अक्षमता है, या दूसरे की क्षमता

अख़बार या टीवी के प्रति अरुचि का कारण

अपने में सिकुड़ते जाना है

या दुसरो को जानने की अनिच्छा का होना है

देश में बढ़ती जा रही है अराजकता के लिये

क्या सिर्फ सरकार को दोषी ठहराना उचित है

पांच हज़ार वर्ष का इतिहास जिस घर का हो

कैसे इतिहास बनाना भूल गया है