चंद्रयान

आज भी ज़िंदा हैं हम

क्योंकि ह्म चलना नहीं भूले हैं

हमने नहीं खोयी है खुद की पहचान

इतने स्वाबलंबी भी नहीं हो गए हैं

कि दुसरो की ज़रूरत न महसूस कर पाएं

याद है हमें आज भी अनियमित जीवन जीना

इंद्रधनुष में देख पाते हैं आज भी सात रंग

आज भी देख पाते है दुसरो के आंसू, अपनी आँखों में

आज भी दूसरों का दर्द देखकर, धड़कता है दिल मेरा

आज भी देखना नहीं भूले हैं हम सपने

आज भी हार को मात देना चाहते हैं हम

आज भी ज़िंदा हैं हम

क्योंकि ह्म नहीं भूले है अंतिम क्षण की महत्वकांशा

नहीं भूले हैं मानवता से सम्बन्ध

नहीं भूले हैं अपना गंतव्य