मेरी पौत्री ने मुझसे कहा

मेरी पौत्री ने मुझसे कहा

इतने सालों से काम करते चले आ रहे हो

कुछ ही दिनों में मैं भी स्कूल जाना शुरू करु दूंगी

कब तक काम करते रहोगे

जानते हो दादू तुम्हारी परेशानी क्या है

तुम सोचते हो तुम्हारे बिना नहीं चलेगा ऑफिस का पहिया

समझने की कोशिश करो

अगर न रोका जाये तो पहिया चलता चला जाता है

ऑफिस में रहकर अब तुम पहिया रोकने का काम कर रहे हो

कभी सोचा है तुम्हारी संतुष्टि का गुणांक कहाँ पहुंचा है

कभी सोचा है अपनी उपयोगिता के बारे में नए सिरे से

तुम्हे डर है खो दोगे जो तुमने अर्जित की है

तुम्हे डर है अर्जित शक्ति खोने का

अपनों के साथ समय बिताने से तुम डरते हो

गतिहीन जीवन तुम्हे भाने लगा है

प्रभावहीन होते जा रहे हो तुम

निर्धारित वेतन के जाल में तुम उलझ गये हो

तुम्हे ज़रूरत है आत्म मूल्यांकन की

तुम्हे ज़रूरत है नए परिवेश में विकसित होने की

तुम्हे ज़रूरत है मेरी और मुझे तुम्हारी

आओ मिलकर इस नए विश्व के अंशीदार बने

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