अक्ल के पहरेदार

यदि कुछ नहीं कर रहे हो किसी का सर भी न खाओ न किसीको खाने दो अपना सर अक्ल के पहरेदार कभी इसे तनहा भी छोड़ो सर का नहीं पता कहाँ काम आ जाये