नया उदय

ताली बजी, दिए जले

नए वातावरण की नींव पड़ी

शुद्धता है, स्वच्छता है

उद्यम है , समर्पण है

जो जहां है

वहीं ठहरकर

आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है

ताला खुलने में देर नहीं

जागरूकता साथ लिए

स्वतंत्र मन विचार लिये

नए उदय का इंतजार है

वायरस की चाल महंगी पड़ी,

शायद!