अनुपमा

कितनो ने तुमको देखा कितनी तरह से कितनो ने देखा आँख में पट्टी बांधकर रंगांध देख न पाये तुम्हारे सारे रंग जहाँ शब्द कम पड़ जाते हैं उपयोग में लायी जाती हो मैंने आवर्धक लेंस से देखा दिखा तुम्हारा बदलता स्वरुप आंकना चाहा, चित्रित न कर पाया अनुपमा, तुम्हारे कितने रंग कैसी हो, वैसी ही, जैसी दिखती हो ?