संवेदना

एक कलाकार ने एक वैज्ञानिक से पूंछा

एक पुष्प में मैं जो देख पाता हूं

क्या तुम देख पाते हो

वैज्ञानिक ने कहा, क्यों तुम ऐसा सोचते हो

कलाकार ने कहा, क्योंकि तुममे कलाकार की संवेदना का आभाव है

वैज्ञानिक ने कहा, शायद, मेरी तलाश में शामिल है

पुष्प का अन्तरमन

जो समझने की कोशिश करता है

कोशिकाओं की सुंदरता

उनके बीच का सदभाव

जो समझने की कोशिश करता है

क्यों वो देख नहीं पाता है

एक पुष्प की रहस्यमयी सुंदरता

जो एक सूक्ष्म कीट देख पाता है

जो समझने की कोशिश करता है

अपरिचित को गले लगाने का उद्देश्य

एक वैज्ञानिक की संवेदना हमेशा अधूरी रह जाती है।

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© 2017 by Dr Purnendu Ghosh