ईश्वर था, माई बाप था

ईश्वर था, माई बाप था,

और न जाने क्या क्या था

अचानक एक आंधी आई

और सब कुछ बह गया

एक दिन में ही ईश्वर दानव बन गया

बहुत कोशिश की उसने ईश्वर बने रहने के लिए

सारी कोशिश बेकार गई उसकी

उससे कहा गया, अगर ईश्वर कुछ दे न सके,

काहे का ईश्वर

उस दिन उसने समझा, ईश्वर बने रहने के लिए

ईश्वर को भी मूल्य चुकाना पड़ता है