मैं डार्विन के युग में भी था

मैं गेलिलियो के युग में भी था

मैं जानता हूं, गेलिलियो के साथ अन्याय हुआ था

गेलिलियो मेरा शत्रु नहीं था

मैं शत्रु या मित्र नहीं बनाता

तुम तो ये भी कहते हो, डार्विन मेरा शत्रु था

डार्विन ने कहा था, मेरा भी मानना है

मेरे हस्तक्षेप बिना, सम्भव है उत्पति जीवन की

तुम में से कुछ मुझे सुन पाने का दावा करते हो

तुम भूल जाते हो, मुझे वो ही सुन पाता है

जो सुन पाता है गूंज, बिन ध्वनि के

मुझे सुनने के लिए चाहिये

शून्य में सुनने की क्षमता

तर्क चलता रहेगा मेरे बारे में, तब तक

जब तक, मृत कार्बन को जीवित न कर पाओगे तुम